- बंगाल के रुझानों का असर उज्जैन तक: भाजपा की बढ़त पर बंगाली कॉलोनी में उत्सव, ढोल-नगाड़ों के साथ मना जश्न
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में दिए दर्शन
- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर से हटाई गई लड्डू प्रसाद वेंडिंग मशीन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया फैसला
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को लड्डू प्रसाद की सुविधा देने के उद्देश्य से दिसंबर 2024 में लगाई गई वेंडिंग मशीन को आखिरकार हटा दिया गया है। यह मशीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में शुरू की गई थी। कोयंबटूर की 5G टेक्नोलॉजिस कंपनी द्वारा दान में दी गई इस मशीन को अवंतिका गेट क्रमांक-1 पर लगाया गया था, जहां से श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर प्रसाद प्राप्त कर सकते थे।
हालांकि, मशीन की स्थापना से ही तकनीकी समस्याएं सामने आने लगी थीं। एक बार में 130 पैकेट रखने की क्षमता रखने वाली इस मशीन में आए दिन सॉफ्टवेयर हैंग, बिजली आपूर्ति बाधित होने, और प्रसाद न निकलने जैसी परेशानियां सामने आ रही थीं। कई बार तो ऐसा हुआ कि श्रद्धालुओं के पैसे तो कट गए, लेकिन उन्हें प्रसाद नहीं मिल पाया। इससे नाराज श्रद्धालु मंदिर प्रशासन से शिकायतें करने पहुंचते थे।
मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों और श्रद्धालुओं की असुविधा को देखते हुए मशीन को हटाने का निर्णय लिया गया है। अब उस स्थान पर पारंपरिक काउंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को प्रसाद लेने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
फिलहाल मंदिर परिसर और महाकाल लोक में सात प्रसाद काउंटर संचालित हो रहे हैं, जहां 100 ग्राम से लेकर 1 किलो तक के लड्डू प्रसाद के पैकेट 50 रुपए से 400 रुपए तक की कीमत पर उपलब्ध हैं। श्रावण मास और विशेष पर्वों पर मंदिर प्रशासन अतिरिक्त काउंटर भी लगाता है, ताकि भीड़ के समय में भी दर्शनार्थियों को सरलता से प्रसाद प्राप्त हो सके।